
पेंशन एक सेवानिवृत्त व्यक्ति की ज़िंदगी का आर्थिक सहारा होती है। लेकिन अगर उसी व्यक्ति का निधन हो जाए, तो उसका परिवार या नॉमिनी भी उस आर्थिक मदद का हकदार होता है। कई बार लोग यह नहीं जानते कि ऐसी स्थिति में नॉमिनी को पैसा कैसे मिलेगा और प्रोसेस क्या है। इस लेख में सरल भाषा में पूरी जानकारी दी गई है।
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1. विभाग या संस्था को सूचित करना
सबसे पहला कदम है – पेंशन विभाग, बैंक या संबंधित संस्था को पेंशनर की मृत्यु की जानकारी देना। यह काम जितना जल्दी हो, उतना बेहतर।
- अगर पेंशन Employee Provident Fund Organisation (EPFO) से मिल रही थी, तो पास के EPFO ऑफिस में सूचना दें।
- सरकारी पेंशन के केस में संबंधित ट्रेजरी ऑफिस या बैंक शाखा से संपर्क करें।
- निजी बीमा आधारित पेंशन योजनाओं के लिए कंपनी के कस्टमर सर्विस सेंटर से संपर्क करना होगा।
2. जरूरी दस्तावेज़ तैयार करना
क्लेम फाइल करने से पहले कुछ डॉक्यूमेंट्स इकट्ठा करना ज़रूरी होता है। ये दस्तावेज़ नॉमिनी की पहचान और पात्रता साबित करने के लिए मांगे जाते हैं:
- मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate)
- नॉमिनी या दावेदार का Aadhar card / PAN card
- मूल पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPO)
- बैंक पासबुक या कैंसिल्ड चेक
- पारिवारिक संबंध का प्रमाण (जैसे Marriage Certificate या Birth Certificate)
- नॉमिनी का पासपोर्ट साइज फोटो
अगर किसी कारणवश नॉमिनी का नाम पेंशन सिस्टम में अपडेट नहीं है, तो अतिरिक्त दस्तावेजों जैसे Succession Certificate की जरूरत पड़ सकती है।
3. क्लेम फॉर्म भरना और जमा करना
हर योजना या विभाग का अपना फॉर्मेट होता है।
- EPFO पेंशन के लिए आमतौर पर Form 10D और Scheme Certificate जरूरी होते हैं।
- सरकारी पेंशन योजनाओं के लिए, संबंधित बैंक शाखा या PCDA (Pensions) वेबसाइट से फॉर्म डाउनलोड किए जा सकते हैं।
- प्राइवेट पेंशन या एन्युइटी प्लानों में कंपनी की वेबसाइट या हेल्पलाइन से क्लेम फॉर्म मिलता है।
फॉर्म को सावधानीपूर्वक भरें और सभी सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट्स के साथ जमा करें।
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4. दस्तावेज़ जमा करने के बाद क्या होता है?
दस्तावेज़ जमा करने के बाद विभाग या बैंक सभी डिटेल्स का सत्यापन (Verification) करता है।
यदि सब कुछ सही पाया गया, तो नॉमिनी के अकाउंट में पेंशन या बकाया राशि ट्रांसफर कर दी जाती है।
यह प्रोसेस आमतौर पर कुछ हफ्तों से लेकर एक-दो महीने तक लग सकती है, इस पर निर्भर करता है कि किस संस्था से पेंशन मिल रही थी।
5. नॉमिनेशन से जुड़ी सावधानियां
- पेंशन शुरू करते समय सही नॉमिनी का नाम देना बेहद ज़रूरी है।
- यदि नॉमिनेशन नहीं किया गया या अपडेट नहीं है, तो पैसे का दावा कानूनी उत्तराधिकारी (Legal Heir) को करना पड़ता है, जो समय लेने वाला प्रोसेस होता है।
- ऐसे मामलों में Succession Certificate या Legal Heir Certificate अनिवार्य होते हैं।
- परिवार को यह भी जानना चाहिए कि PPO (Pension Payment Order) सुरक्षित जगह पर रखा जाए, क्योंकि यह हर पेंशन क्लेम की मुख्य पहचान होती है।
6. सुविधाजनक टिप्स: प्रोसेस को आसान कैसे बनाएं
- पेंशनर की लाइफटाइम के दौरान Digital Life Certificate (Jeevan Pramaan) अपडेट कराते रहें।
- नॉमिनी का नाम, बैंक डिटेल्स और पता रेकॉर्ड में सही दर्ज हों यह सुनिश्चित करें।
- मृत्यु के बाद जितनी जल्दी क्लेम दर्ज होगा, उतनी जल्दी भुगतान प्रक्रिया पूरी होती है।
- ऑनलाइन क्लेम के लिए आधिकारिक वेबसाइट्स पर दिए गए स्टेप्स का पालन करें – जैसे epfindia.gov.in (EPFO पेंशन के लिए) या pcdapension.nic.in (सरकारी पेंशन के लिए)।
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