
हाल ही में सोशल मीडिया और कई वित्तीय चर्चाओं में यह दावा सामने आया कि कुछ लोग अब Employees’ Pension Scheme (EPS) के तहत ₹75,000 प्रति माह तक की पेंशन पा सकते हैं। सुनने में यह रकम बड़ी आकर्षक लगती है, लेकिन वास्तविकता थोड़ी अलग है। दरअसल, EPFO के सामान्य नियमों के अनुसार अधिकतम पेंशन ₹7,500 प्रतिमाह तक सीमित है, और ₹75,000 जैसी राशि केवल विशेष परिस्थितियों में ही संभव हो सकती है।
EPFO और ₹1667 का “नियम”
कई बार आप सुनते होंगे कि “₹1667 वाला नियम लागू है” — जबकि वास्तव में यह कोई आधिकारिक EPFO रूल नहीं है। यह आंकड़ा केवल उस अतिरिक्त योगदान (arrears) की गणना से जुड़ा है, जो उच्च पेंशन योजना (Higher Pension Scheme) के अंतर्गत पुरानी सीमा से ऊपर योगदान करने वालों पर लागू होता है।
EPS के मूल ढांचे में नियोक्ता के 12% EPF योगदान में से 8.33% हिस्सा EPS में जमा होता है। यह योगदान 2014 से पहले ₹15,000 की सीमित सैलेरी पर आधारित था — यानी अधिकतम ₹1,250 प्रति माह। बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उन कर्मचारियों को अनुमति मिली जिनकी वास्तविक सैलरी ₹15,000 से अधिक थी, वे भी अपने मूल वेतन पर 8.33% की दर से योगदान दे सकते हैं।
इसका मतलब यह हुआ कि जिनका वेतन ज्यादा था, वे EPS में अधिक योगदान कर सकते थे। यही अतिरिक्त राशि यानी ₹15,000 की सीमा और वास्तविक सैलरी के बीच का अंतर – लगभग ₹1667 या अधिक हो सकता है, लेकिन यह आंकड़ा हर व्यक्ति के वेतन के आधार पर अलग-अलग निकलेगा।
₹75,000 पेंशन का गणित
अब बात करते हैं उस हाई पेंशन की जिसे लेकर चर्चा है। EPS का फॉर्मूला बहुत सीधा है:
मासिक पेंशन = (पेंशन योग्य वेतन × पेंशन योग्य सेवा) / 70
अगर किसी व्यक्ति की पेंशन योग्य सेवा (Pensionable Service) 35 वर्ष है और उसकी औसत पेंशन योग्य सैलरी ₹1,50,000 प्रति माह रही है, तो:
(₹1,50,000 × 35) / 70 = ₹75,000 प्रति माह।
यानी आप देख सकते हैं कि ₹75,000 पेंशन संभव है, बशर्ते व्यक्ति का औसत वेतन उच्च स्तर पर हो और उसने लंबे समय तक सेवा की हो। यह आम कर्मचारी की पहुंच से बाहर है, लेकिन वरिष्ठ स्तर के कॉर्पोरेट कर्मचारियों या उच्च वेतन पाने वालों के लिए सैद्धांतिक रूप से संभव है।
किन्हें मिल सकती है हाई पेंशन?
उच्च पेंशन योजना का लाभ सिर्फ उन कर्मचारियों को मिलेगा जिन्होंने:
- अपने वास्तविक वेतन पर EPS योगदान का विकल्प चुना हो।
- EPFO पोर्टल के माध्यम से संयुक्त विकल्प फॉर्म (Joint Option Form) समय पर भरा हो।
- पूर्वव्यापी योगदान (retrospective arrears) समेत आवश्यक अतिरिक्त राशि जमा की हो।
- और जिनकी सेवा अवधि 30–35 वर्ष या उससे अधिक रही हो।
क्यों चर्चा में है ₹75,000 की राशि?
₹75,000 का आंकड़ा इसलिए वायरल हुआ क्योंकि यह संभावित उदाहरण के रूप में इस्तेमाल किया गया कि अगर किसी कर्मचारी का औसत वेतन बहुत अधिक है और उसने लंबी सेवा दी है तो उसकी EPS पेंशन कितनी हो सकती है। इसका यह अर्थ नहीं कि सभी कर्मचारियों को इतनी पेंशन मिलेगी।
ज्यादातर लोगों के लिए EPS पेंशन ₹7,000–₹15,000 प्रति माह के बीच रहती है, जो उनके वास्तविक EPS योगदान और सेवा अवधि पर निर्भर करती है।