
कई लोग जब PF (Provident Fund) का क्लेम ऑनलाइन लगाते हैं, तो उम्मीद रहती है कि कुछ दिनों में पैसा अकाउंट में आ जाएगा। लेकिन कई बार ऐसा नहीं होता—क्लेम रिजेक्ट हो जाता है। ऐसे में किसी को भी चिंता होना स्वाभाविक है। लेकिन सच्चाई यह है कि PF क्लेम रिजेक्ट होना कोई बड़ी बात नहीं है। यह आमतौर पर छोटी-छोटी तकनीकी गलतियों या अधूरी जानकारी की वजह से होता है। थोड़ी समझ और सही कदम उठाकर आपका क्लेम आसानी से दोबारा मंजूर हो सकता है।
इस लेख में जानिए क्लेम रिजेक्ट होने के 7 आम कारण और उनके आसान समाधान।
1. KYC में गड़बड़ी
अगर आपके EPFO रिकॉर्ड में दर्ज नाम, जन्मतिथि, या अन्य KYC जानकारी आपकी बैंक या आधार जानकारी से मेल नहीं खाती, तो क्लेम रिजेक्ट हो सकता है।
क्या होता है समस्या?
कई बार आधार में नाम “Ravi Kumar” होता है, लेकिन EPFO में “Ravi K.” दर्ज होता है। छोटी सी डिटेल का फर्क भी सिस्टम रिजेक्शन का कारण बन जाता है।
क्या है समाधान?
EPFO Member e-Sewa Portal में लॉगिन करें और अपनी KYC डिटेल्स को सही करें। सभी जानकारी—नाम, जन्मतिथि, आधार एवं बैंक अकाउंट डिटेल—एकदम मैच करें। इसके बाद आपके नियोक्ता को इसे approve करना होगा।
2. बैंक अकाउंट की गलत डिटेल
कई बार क्लेम रिजेक्ट होने की सबसे सीधी वजह गलत बैंक जानकारी होती है।
समस्या: IFSC कोड गलत डालना, अकाउंट बंद होना या inactive बैंक खाता।
समाधान: अपने बैंक अकाउंट की डिटेल EPFO पोर्टल पर verify करें। PF क्लेम डालने से पहले सुनिश्चित करें कि वह अकाउंट चालू (active) है और उसमें नाम वही है जो EPFO रिकॉर्ड में है।
3. गलत या अधूरा क्लेम फॉर्म भरना
EPFO का पोर्टल यूज़र-फ्रेंडली है, लेकिन छोटे-छोटे गलती क्लेम रोक सकती हैं।
समस्या: गलत फॉर्म नंबर चुन लेना (जैसे फुल विड्रॉअल के लिए Form-31 की बजाय Form-19 भरना) या कोई जरूरी कॉलम खाली छोड़ देना।
समाधान: आवेदन करते समय हर स्टेप ध्यान से पढ़ें। क्लेम का सही कारण चुनें—जैसे कि नौकरी छोड़ने, घर खरीदने या मेडिकल इमरजेंसी के लिए। इससे ऑटोमैटिक रिजेक्शन की संभावना खत्म हो जाती है।
4. UAN और Aadhaar लिंक न होना
ऑनलाइन PF क्लेम प्रोसेस पूरी तरह Aadhaar वेरिफिकेशन पर आधारित है।
समस्या: UAN नंबर अगर आधार से लिंक नहीं है या “Aadhaar not verified” स्टेटस दिखा रहा है, तो आपका क्लेम पास नहीं होगा।
समाधान: अपने नियोक्ता से कहें कि वह यूएएन को आधार से वेरीफाई करे। आप खुद भी EPFO पोर्टल पर जाकर लिंकिंग स्टेटस देख सकते हैं। अगर mismatch दिखे, तो पहले उसे ठीक करें और फिर क्लेम लगाएं।
5. नियोक्ता ने KYC अप्रूव न किया हो
कई बार कर्मचारी खुद सारी जानकारी अपडेट कर देते हैं, लेकिन नियोक्ता (Employer) उसे approve करना भूल जाते हैं।
समस्या: बैंक अकाउंट या आधार अपडेट तो हो जाता है, लेकिन employer की मंजूरी ना मिलने से सिस्टम उस बदलाव को valid नहीं मानता।
समाधान: अपने HR या Accounts विभाग से सीधे बात करें और उनसे जल्द approval दिलवाएं। यह काम कुछ ही मिनटों में पूरा हो सकता है।
6. गलत दस्तावेज़ अपलोड करना
अगर आप PF से advance लेना चाहते हैं—जैसे घर खरीदने, लोन चुकाने या बच्चों की पढ़ाई के लिए—तो सही दस्तावेज़ अपलोड करना जरूरी है।
समस्या: कभी-कभी गलत फाइल अपलोड हो जाती है (जैसे फीस रसीद की जगह एडमिशन लेटर), या दस्तावेज़ धुंधले (blurred) होते हैं।
समाधान: दस्तावेज़ साफ़ और पूरी जानकारी वाले अपलोड करें। PDF या JPEG फॉर्मेट में अपलोड करें और साइज़ निर्धारित सीमा के भीतर रखें।
7. नौकरी छोड़ने की तारीख अपडेट न होना
फुल और फाइनल PF निकासी (Full Withdrawal) तभी संभव है जब कंपनी आपकी “Date of Exit” EPFO पोर्टल पर दर्ज करे।
समस्या: कंपनी ने आपकी सेवा समाप्ति की तारीख अपडेट नहीं की है, तो सिस्टम क्लेम को incomplete मान लेता है।
समाधान: अपने पुराने employer से संपर्क करें और उनसे DoE अपडेट करवाएं। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद आप पुनः क्लेम डाल सकते हैं।
PF क्लेम रिजेक्ट हो जाए तो क्या करें?
अगर क्लेम किसी कारण से रिजेक्ट हो गया है, तो घबराने की जरूरत नहीं। आप दोबारा क्लेम सबमिट कर सकते हैं। बस पहले रिजेक्शन का कारण पढ़ें, उसे ठीक करें और फिर नया आवेदन दें।
रिजेक्शन का कारण आप EPFO पोर्टल या अपने UAN अकाउंट में जाकर “Claim Status” सेक्शन में देख सकते हैं। जब तक गलती ठीक नहीं होती, नया क्लेम स्वीकार नहीं होगा। इसलिए जल्द ही समस्या का समाधान करें।