
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के करोड़ों सदस्यों को अपने पीएफ खाते से बैंक खाता लिंक करने में अक्सर चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, ऑनलाइन केवाईसी प्रक्रिया के दौरान आवेदन बार-बार खारिज हो जाता है।
केवाईसी विवरणों में बेमेल
यह लिंकिंग विफल होने का सबसे आम कारण है।
- ईपीएफओ रिकॉर्ड, आधार कार्ड और बैंक खाते में दर्ज व्यक्तिगत जानकारी (नाम, पिता का नाम, जन्म तिथि) में यदि मामूली अंतर भी होता है, तो सिस्टम आवेदन को अस्वीकार कर देता है। वर्तनी की त्रुटियाँ (spelling mistakes) भी इसमें शामिल हैं।
- सुनिश्चित करें कि सभी दस्तावेज़ों में आपका डेटा बिल्कुल एक जैसा हो। किसी भी विसंगति को पहले आधार अपडेट सेंटर या बैंक शाखा में जाकर ठीक करवाएं।
नियोक्ता की मंजूरी में देरी
ऑनलाइन आवेदन जमा करने के बाद का सबसे महत्वपूर्ण चरण।
- बैंक विवरण ऑनलाइन अपडेट करने के बाद, नियोक्ता (Employer) के पास इसे डिजिटल रूप से अनुमोदित करने का अधिकार होता है। कई मामलों में, एचआर या पेरोल विभाग इस अनुरोध को समय पर मंजूरी नहीं देता, जिससे प्रक्रिया अधर में लटक जाती है।
- केवाईसी सबमिट करने के तुरंत बाद अपने नियोक्ता के संबंधित विभाग से संपर्क करें और उनसे ईपीएफओ यूनिफाइड पोर्टल पर आपके लंबित अनुरोध को जल्द से जल्द अनुमोदित करने का आग्रह करें।
गलत या निष्क्रिय बैंक खाता विवरण
विवरण भरते समय सावधानी बरतना आवश्यक है।
- यदि खाताधारक एक निष्क्रिय (Inactive) बैंक खाता संख्या, पुराना IFSC कोड (खासकर बैंक विलय के बाद) या किसी अन्य व्यक्ति (जैसे जीवनसाथी या माता-पिता) का खाता लिंक करने का प्रयास करता है, तो आवेदन स्वतः खारिज हो जाता है।
- हमेशा अपने नाम पर सक्रिय बैंक खाते का ही उपयोग करें। खाता संख्या और वर्तमान IFSC कोड को बैंक पासबुक से सावधानीपूर्वक सत्यापित करें।
अधिक सहायता के लिए, खाताधारक EPFO के आधिकारिक शिकायत निवारण पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते है।