
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जिससे अब वे कर्मचारी भी राहत महसूस करेंगे जिन्होंने किसी वजह से 6 महीने से पहले ही नौकरी छोड़ दी हो। पहले, इतने कम समय तक काम करने वालों को पेंशन स्कीम से निकासी का अधिकार नहीं था, लेकिन अब नई व्यवस्था में ऐसा संभव है।
यह भी देखें: पेंशन कम क्यों आती है? EPS पेंशन कैलकुलेशन की 4 सबसे बड़ी गलतियाँ
नया नियम क्या कहता है?
नई नीति के मुताबिक, अगर किसी सदस्य की सेवा अवधि 6 महीने से कम है, तो वह भी कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में जमा की गई राशि निकाल सकता है। यह प्रावधान उन कर्मचारियों के लिए खासतौर पर मददगार है जो बार-बार नौकरी बदलते हैं या किसी कारणवश शॉर्ट-टर्म एम्प्लॉयमेंट में रहते हैं।
किन्हें मिलेगा यह फायदा?
- इस सुविधा का लाभ वही सदस्य ले सकते हैं जिन्होंने कम से कम 1 महीने की योगदान सेवा (contributory service) पूरी की हो।
- यानी अगर आपने नौकरी में सिर्फ 2 या 3 महीने काम किया है और EPF-Pension दोनों में योगदान हुआ है, तो अब आप EPS राशि निकाल सकते हैं।
- यह सुविधा सिर्फ पेंशन स्कीम (EPS) के लिए लागू है, न कि PF बैलेंस के लिए।
यह भी देखें: EPS-95 पेंशनर्स को तोहफा, न्यूनतम पेंशन में बढ़ोतरी का प्रस्ताव, क्या सरकार मानेगी?
पैसे निकालने की प्रक्रिया क्या है?
- Form 10C भरें – EPS निकासी के लिए आपको EPF पोर्टल पर लॉगिन करना होगा और Form 10C भरना होगा।
- UAN सक्रिय होना चाहिए – यह सुनिश्चित करें कि आपका Universal Account Number (UAN) ऐक्टिवेटेड है।
- बैंक अकाउंट लिंकिंग – आपका बैंक खाता और आधार से लिंक होना जरूरी है ताकि भुगतान सीधे आपके खाते में आ सके।
- EPFO अधिकारियों से सत्यापन – आवेदन सबमिट करने के बाद आपका डेटा EPFO द्वारा सत्यापित किया जाएगा।
सभी प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी की जा सकती है, यानी अब किसी दस्तावेज़ को दफ्तर में जमा कराने की झंझट नहीं है।
यह बदलाव क्यों किया गया?
नई नीति का स्पष्ट उद्देश्य उन कर्मचारियों को राहत देना है जो बार-बार नौकरी बदलते हैं या जिनकी नौकरी शुरुआती महीनों में ही समाप्त हो जाती है। पहले, ऐसे कर्मचारियों को अपनी EPS राशि फंस जाने की परेशानी होती थी। अब वे अपनी कमाई हुई रकम निकाल सकते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक स्थिरता और आत्मनिर्भरता मिलेगी।
यह भी देखें: अब व्हाट्सएप पर भी मिलेगी PF से जुड़ी जानकारी, ऐसे करें उपयोग
ध्यान दें
- PF और Pension दो अलग खाते होते हैं – एक में कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का योगदान जाता है, जबकि दूसरा रिटायरमेंट लाभ के लिए होता है।
- PF खाते से पैसा निकालने के लिए अलग नियम लागू हैं। आमतौर पर इसमें बेरोजगारी की स्थिति में कुछ समय का वेटिंग पीरियड रखना पड़ता है।