
भारत में लाखों लोग प्राइवेट नौकरी करते हैं और उनकी सैलरी से हर महीने पीएफ (Provident Fund) कटता है। यह रकम कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) द्वारा मैनेज की जाती है। कई लोग यह सोचते हैं कि नौकरी छोड़ने के बाद या 60 साल की उम्र पूरी होने पर उन्हें पेंशन कितनी मिलेगी। आइए समझते हैं कि ईपीएफओ की पेंशन स्कीम के तहत नियम क्या कहते हैं और वास्तव में पेंशन का कैलकुलेशन कैसे होता है।
पेंशन का हकदार कौन?
ईपीएफओ पेंशन स्कीम के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति लगातार कम से कम 10 साल तक नौकरी करके पीएफ में योगदान करता है, तो वह पेंशन पाने का हकदार हो जाता है।
- 50 साल की उम्र पूरी होने के बाद पेंशन का क्लेम किया जा सकता है।
- 58 साल की उम्र से पहले पेंशन लेने पर हर साल 4% की कटौती होगी।
- वहीं, अगर कोई 58 साल के बाद भी इंतजार करता है, तो 60 साल की उम्र पूरी करने पर उसे हर साल के हिसाब से 4% की अतिरिक्त बढ़ोतरी मिलेगी।
पेंशन फंड में कितना जमा होता है?
कर्मचारी और नियोक्ता दोनों मिलकर कर्मचारी की बेसिक सैलरी का 12% पीएफ में जमा करते हैं। इसमें से नियोक्ता का एक हिस्सा पेंशन फंड में जाता है।
- बेसिक सैलरी पर अधिकतम पेंशन योग्य लिमिट 15,000 रुपये है।
- नियोक्ता के योगदान का 8.33% हिस्सा EPS (Employee Pension Scheme) में डाला जाता है।
- यानी हर महीने अधिकतम 1,250 रुपये ही पेंशन फंड में जमा हो सकते हैं।
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पेंशन का कैलकुलेशन कैसे होता है?
ईपीएफओ पेंशन की गणना के लिए एक फॉर्मूला तय करता है:मंथलीपेंशन=(पेंशनयोग्यसैलरी×पेंशनयोग्यसेवा)70मंथली पेंशन = \frac{(पेंशन योग्य सैलरी × पेंशन योग्य सेवा)}{70}मंथलीपेंशन=70(पेंशनयोग्यसैलरी×पेंशनयोग्यसेवा)
मान लीजिए किसी ने 23 साल की उम्र में नौकरी शुरू की और 58 साल तक काम किया। ऐसे में उसकी नौकरी की अवधि 35 साल हुई।
- पेंशन योग्य सैलरी = 15,000 रुपये
- नौकरी के साल = 35
15000×35/70=7500रुपये15000 × 35 / 70 = 7500 रुपये15000×35/70=7500रुपये
यानि इस स्थिति में व्यक्ति को हर महीने 7,500 रुपये पेंशन मिलेगी।
60 साल की उम्र पर पेंशन
अगर कोई व्यक्ति 58 की बजाय 60 साल की उम्र से पेंशन लेता है, तो उसे हर साल 4% अतिरिक्त बढ़ोतरी का फायदा मिलेगा। यानी दो साल बाद पेंशन शुरू करने पर उसे लगभग 8% ज्यादा राशि मिलेगी।
उदाहरण के लिए, ऊपर दिए गए कैलकुलेशन में 7,500 रुपये की जगह 60 साल पर क्लेम करने वाले को लगभग 8,100 रुपये महीना पेंशन मिलेगी।