
आज के समय में ईपीएफओ (EPFO) ने अपने सभी सेवाओं को डिजिटल बना दिया है, ताकि सदस्य बिना किसी झंझट के घर बैठे अपने पैसे क्लेम कर सकें। अगर आप भी कर्मचारी भविष्य निधि (PF) खाते में जमा राशि निकालना चाहते हैं तो ऑनलाइन क्लेम प्रक्रिया आपके लिए सबसे आसान विकल्प है। इसके लिए फॉर्म 31, फॉर्म 19 और फॉर्म 10C का इस्तेमाल किया जाता है। आइए जानते हैं इन फॉर्म्स के अलग-अलग उपयोग और आवेदन करने की प्रक्रिया के बारे में।
फॉर्म 31 किसके लिए है?
फॉर्म 31 का उपयोग तब किया जाता है जब कोई सदस्य पूरे पीएफ बैलेंस को नहीं बल्कि आंशिक राशि निकालना चाहता है। इसका इस्तेमाल खास परिस्थितियों में किया जाता है, जैसे:
- मेडिकल इमरजेंसी
- शादी या शिक्षा का खर्च
- घर खरीदने/मरम्मत करने के लिए
इस फॉर्म के जरिए आपको पूरे अकाउंट को बंद नहीं करना पड़ता बल्कि जरूरत भर की राशि सीधे आपके बैंक खाते में आ जाती है।
फॉर्म 19 की मुख्य जानकारी
फॉर्म 19 उन कर्मचारियों के लिए बनाया गया है जो नौकरी छोड़ चुके हैं या रिटायर हो चुके हैं। इस फॉर्म को भरकर आप अपने पूरा PF बैलेंस निकाल सकते हैं।
- इसे भरने के लिए UAN (Universal Account Number) सक्रिय होना चाहिए।
- बैंक खाते का आधार और पैन से लिंक होना जरूरी है।
- आवेदन करने के बाद राशि आमतौर पर 7-10 कार्य दिवसों में मिल जाती है।
यह भी देखें: PF Withdrawal: नौकरी बदलने के बाद PF निकालने का प्रोसेस
फॉर्म 10C का महत्व
फॉर्म 10C का संबंध पेंशन (EPS – Employee Pension Scheme) से है। यदि आपने 10 वर्ष पूरे किए बिना नौकरी छोड़ी है, तो इस फॉर्म के जरिए आप पेंशन योगदान की निकासी (Withdrawal Benefit) का दावा कर सकते हैं।
- यह फॉर्म केवल उन्हीं कर्मचारियों के लिए है जिन्होंने 10 साल पूरे नहीं किए हैं।
- अगर सेवा 10 साल या उससे ज्यादा की है, तो इस फॉर्म से पेंशन निकासी नहीं होगी, बल्कि रिटायरमेंट के बाद मासिक पेंशन लेकर ही लाभ मिलेगा।
ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया
- सबसे पहले EPFO की आधिकारिक वेबसाइट या UMANG ऐप पर जाएं।

- अपने UAN और पासवर्ड से लॉगिन करें।

- “Online Services” सेक्शन में जाकर Claim (Form-31, 19 & 10C) विकल्प पर क्लिक करें।
- बैंक खाते की डिटेल और आधार वेरीफिकेशन पूरा करें।
- संबंधित फॉर्म चुनकर सबमिट करें।
- सफल आवेदन के बाद आप अपने क्लेम स्टेटस को ट्रैक भी कर सकते हैं।
जरूरी टिप्स
- आधार, पैन और बैंक खाते का EPF रिकॉर्ड में लिंक होना अनिवार्य है।
- व्यक्तिगत जानकारी और KYC डिटेल पूरी तरह अपडेट रखें।
- केवल उन्हीं परिस्थितियों में क्लेम करें जहां वास्तव में जरूरत हो।

