
PF खाते से पैसे निकालने के लिए कर्मचारियों के पास दो प्रमुख विकल्प होते हैं – PF Advance और PF Loan। दोनों ही स्थितियों में पैसा आपके ही भविष्य निधि खाते से आता है, लेकिन नियम, शर्तें और फायदे-नुकसान अलग-अलग होते हैं। सही विकल्प चुनने के लिए यह समझना ज़रूरी है कि दोनों में अंतर क्या है और कब किसका इस्तेमाल करना बेहतर होता है।
PF Advance क्या है?
PF Advance का मतलब है कि आप अपने प्रोविडेंट फंड से किसी विशेष ज़रूरत के लिए आंशिक राशि निकालते हैं। यह पैसा वापस चुकाना नहीं होता, यानी यह निकासी स्थायी मानी जाती है।
- यह निकासी शादी, शिक्षा, घर खरीदना/निर्माण, मेडिकल आपातकाल जैसी जरूरतों के लिए की जा सकती है।
- PF खाते से कितना पैसा मिलेगा, यह आपकी सर्विस अवधि और खाते में जमा बैलेंस पर निर्भर करता है।
- चूंकि यह वापसी योग्य नहीं है, इसलिए आपके रिटायरमेंट कॉर्पस पर असर पड़ सकता है।
PF Loan क्या है?
PF Loan का मतलब आमतौर पर PF खाते से ऋण/अग्रिम के रूप में निकासी से है, जिसमें राशि लौटानी पड़ती है।
- यह विकल्प विशेष परिस्थितियों में ही उपलब्ध होता है और इसे किस्तों में वापस करना होता है।
- EPF नियमों के अनुसार यह ऋण बैंक लोन की तरह नहीं होता, बल्कि आंतरिक निकासी व्यवस्था है।
- PF Loan पर ब्याज दर आमतौर पर कम या शून्य मानी जाती है, इसलिए यह कई बार पर्सनल लोन से बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।
दोनों में मुख्य अंतर
| पहलू | PF Advance | PF Loan |
|---|---|---|
| वापसी | वापस नहीं करना पड़ता | राशि लौटानी होती है |
| उद्देश्य | शादी, शिक्षा, चिकित्सा, हाउसिंग जैसी ज़रूरतें | सीमित परिस्थितियों में अग्रिम और लौटाना अनिवार्य |
| रिटायरमेंट बचत पर असर | बचत घटती है क्योंकि निकासी स्थायी है | बचत सुरक्षित रहती है (राशि वापस होने पर) |
| ब्याज | कोई ब्याज लागू नहीं | सामान्यतः ब्याज नहीं या बेहद कम |
किस स्थिति में कौन सा बेहतर?
- अगर आपको तुरंत वित्तीय मदद की ज़रूरत है और आप पैसे लौटाने की क्षमता नहीं रखते, तो PF Advance बेहतर विकल्प है।
- अगर आपको अस्थायी ज़रूरत के लिए पैसा चाहिए और भविष्य की बचत को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते, तो PF Loan लेना समझदारी होगी क्योंकि यह राशि वापसी योग्य है।
- यदि विकल्प मिले तो पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड की बजाय PF Loan लेना अधिक किफायती होता है।