EPFO Update: PF अकाउंट में आने लगा ब्याज, ऐसे चेक करें बैलेंस

EPFO Update: PF अकाउंट में आने लगा ब्याज, ऐसे चेक करें बैलेंस
EPFO Update: PF अकाउंट में आने लगा ब्याज, ऐसे चेक करें बैलेंस

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए प्रोविडेंट फंड खातों में ब्याज जमा करना शुरू कर दिया है। लंबे इंतज़ार के बाद लाखों कर्मचारियों को अपने अकाउंट बैलेंस में बढ़ोतरी दिखाई देने लगी है। इस बार पीएफ पर 8.25% ब्याज दर लागू की गई है, जिसे हाल ही में केंद्र सरकार ने मंजूरी दी थी।

ब्याज जमा होने की स्थिति

भले ही EPFO की तरफ से अभी तक आधिकारिक नोटिफिकेशन या मैसेज न आया हो, लेकिन कई मेंबर्स ने अपने बैलेंस में ब्याज की एंट्री देखी है। यह प्रक्रिया धीरे-धीरे सभी खातों में लागू की जा रही है, जिससे देशभर के लगभग 7 करोड़ से अधिक खाताधारकों को फायदा मिलेगा।

कैसे करें PF पासबुक में ब्याज की जांच?

अगर आप यह देखना चाहते हैं कि आपके खाते में ब्याज आया है या नहीं, तो EPFO की ऑनलाइन पासबुक सेवा का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया नीचे दी गई है:

  1. सबसे पहले EPFO पासबुक पोर्टल पर जाएं।
  2. अपना UAN नंबर, पासवर्ड और कैप्चा डालकर लॉग इन करें।
  3. आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP आएगा, उसे दर्ज करें।
  4. लॉग इन करने के बाद आपके सभी पुराने और मौजूदा नियोक्ताओं से जुड़े Member IDs दिखाई देंगे।
  5. संबंधित ID चुनें और Passbook टैब पर क्लिक करें।
  6. यहां आपको कर्मचारी और नियोक्ता के योगदान के साथ-साथ ब्याज की अलग-अलग एंट्री दिखाई देगी।

पोर्टल पर एक ग्राफिकल व्यू भी उपलब्ध होता है, जिससे आप आसानी से सालाना ब्याज और योगदान को समझ सकते हैं।

अगर ब्याज अभी दिखाई न दे तो क्या करें?

  • ब्याज क्रेडिट होने में थोड़ा समय लग सकता है, इसलिए धैर्य रखें।
  • कुछ दिनों बाद भी अपडेट न दिखे तो आप EPFO के ग्रीवांस पोर्टल या अपने नज़दीकी क्षेत्रीय कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
  • जिन IDs में बैलेंस शून्य (Zero) दिखाई देता है, वहां हो सकता है कि वह खाता मर्ज हो चुका हो या निकासी की जा चुकी हो। ऐसी स्थिति में आप पुरानी IDs को नए खाते में ट्रांसफर कर सकते हैं।

ध्यान देने योग्य बातें

  • EPFO पोर्टल पर लॉगिन में समय लग सकता है, क्योंकि अक्सर सर्वर स्लो रहता है।
  • पासबुक का PDF डाउनलोड करने का विकल्प भी उपलब्ध है।
  • ब्याज जमा होने के बाद अगर बैलेंस में फर्क नहीं दिखता है, तो खातों की मर्जिंग और ट्रांजैक्शन हिस्ट्री की जांच अवश्य करें।

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