
EPFO ने कर्मचारियों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है,कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना (EDLI) के नियमों में किए गए बदलाव से अब उन परिवारों को भी आर्थिक सुरक्षा मिलेगी, जो पहले इसकी शर्तों के कारण लाभ से वंचित रह जाते थे।
खाली PF खाते पर भी मिलेगा बीमा लाभ
पहले इस योजना के तहत बीमा का दावा तभी किया जा सकता था जब कर्मचारी के पीएफ खाते में कम से कम ₹50,000 जमा हों। लेकिन अब यह शर्त पूरी तरह हटा दी गई है। यानी अगर खाते में शून्य बैलेंस भी है, तब भी आश्रितों को कम से कम ₹50,000 का बीमा लाभ मिलेगा। यह राहत खासकर उन कर्मचारियों के लिए अहम है जो शुरुआती स्तर पर होते हैं या कम वेतन पाने वाले वर्ग से आते हैं।
बीमा राशि कितनी मिलती है?
EDLI योजना के तहत कर्मचारी की नौकरी के दौरान मृत्यु हो जाने पर परिवार या नामांकित व्यक्ति को एकमुश्त बीमा राशि दी जाती है। यह रकम ₹2.5 लाख से लेकर ₹7 लाख तक हो सकती है। अच्छी बात यह है कि इसके लिए कर्मचारी को अतिरिक्त योगदान नहीं करना पड़ता, सारा प्रावधान EPFO की ओर से होता है।
दावा करने की समय सीमा में ढील
EPFO ने दावा पेश करने की अवधि को और लचीला बना दिया है। अब यदि किसी कर्मचारी का निधन उसकी आखिरी तनख्वाह मिलने के छह महीने के भीतर होता है, तब भी उसके आश्रित बीमा का दावा कर सकते हैं। पहले यह समय सीमा कम थी, जिसके चलते कई परिवारों को लाभ नहीं मिल पाता था।
नौकरी बदलने पर भी सेवा मानी जाएगी लगातार
बदलाव का असर उन कर्मचारियों पर भी होगा जो बार-बार नौकरी बदलते हैं। पहले लगातार सेवा की अवधि टूटने पर बीमा लाभ प्रभावित होता था। अब अगर दो नौकरियों के बीच का अंतर 60 दिन (2 महीने) से कम है, तो इसे लगातार सेवा माना जाएगा। यानी कई अलग-अलग नौकरियों को मिलाकर भी बीमा लाभ लेने की पात्रता बनी रहेगी।
क्यों अहम है यह बदलाव?
- कम वेतन और अस्थायी कर्मचारियों के परिवारों को अब न्यूनतम सुरक्षा मिलेगी।
- बेकार हो चुके या खाली खाते भी अब बीमा लाभ से जुड़े रहेंगे।
- नौकरी के बीच छोटे गैप से बीमा पात्रता पर असर नहीं पड़ेगा।
- दावा करने की समय सीमा बढ़ने से अधिक परिवारों को सहायता मिल सकेगी।
EPFO का यह फैसला लाखों कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। यह कदम न सिर्फ सुरक्षित भविष्य की गारंटी देता है बल्कि यह भी सुनिश्चित करता है कि अचानक हुई दुर्घटना या संकट की घड़ी में परिवार आर्थिक रूप से असहाय न रहें।