Family Pension: पति की मौत के बाद पत्नी को कितनी मिलेगी पेंशन? यहां समझें फॉर्मूला

Family Pension: पति की मौत के बाद पत्नी को कितनी मिलेगी पेंशन? यहां समझें फॉर्मूला
Family Pension: पति की मौत के बाद पत्नी को कितनी मिलेगी पेंशन? यहां समझें फॉर्मूला

पति की मौत के बाद पत्नी को मिलने वाली परिवारिक पेंशन आमतौर पर पति के अंतिम वेतन का 30% से 50% तक होती है। अगर सरकारी कर्मचारी की नौकरी के दौरान या रिटायरमेंट के 7 वर्षों के भीतर मृत्यु हो जाती है, तो पत्नी को अंतिम वेतन का 50% पेंशन 10 साल तक मिलता है। इसके बाद यह राशि घटकर 30% हो जाती है, जो पत्नी को जीवन भर मिलती है। प्राइवेट सेक्टर में कर्मचारी पेंशन योजना (EPS 1995) के तहत प्रति माह ₹1,000 से ₹7,500 तक पेंशन मिलती है। इसके अलावा, बच्चों को भी पेंशन मिल सकती है, जो 25 वर्ष की आयु तक या विकलांग होने तक मिलती है।

पति की मृत्यु के बाद पत्नी को पेंशन का फॉर्मूला

सरकारी कर्मचारी के संदर्भ में:

  • यदि मृत्यु नौकरी के दौरान या रिटायरमेंट के 7 साल के अंदर होती है, तो पत्नी को अंतिम वेतन का 50% पेंशन 10 साल तक मिलता है।
  • 10 साल बाद यह 30% हो जाता है जो जीवन भर मिलता है।
  • न्यूनतम पारिवारिक पेंशन लगभग ₹9,000 प्रति माह और अधिकतम ₹1,25,000 तक हो सकती है।

प्राइवेट सेक्टर (EPS के तहत):

  • मृत्यु के बाद परिवार को प्रति माह ₹1,000 से ₹7,500 तक पेंशन मिल सकती है।

अन्य महत्वपूर्ण बातें

  • पत्नी को तब तक पेंशन मिलती है जब तक वह पुनर्विवाह नहीं करती।
  • बच्चे 25 वर्ष तक या विकलांग होने तक पेंशन के पात्र होते हैं।
  • अगर बच्चे 2 या अधिक हैं तो पेंशन बाँटकर दी जाती है।
  • मानसिक या शारीरिक रूप से विकलांग बच्चे आजीवन पेंशन प्राप्त करते हैं।

परिवारिक पेंशन कब और कैसे मिलेगी

  • पेंशन पाने के लिए संबंधित प्राधिकरण या बैंक में मृतक कर्मचारी का मृत्यु प्रमाण पत्र, पेंशन पेमेंट ऑर्डर आदि दस्तावेज जमा करने होते हैं।
  • आवेदन के बाद जांच पूरी कर पेंशन जारी की जाती है।

यह नियम केंद्र सरकार, राज्य सरकार और विभिन्न निकायों में थोड़ा भिन्न हो सकते हैं लेकिन मूलतः फॉर्मूला लगभग यही रहता है। इस प्रकार, पति के निधन के बाद पत्नी को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए परिवारिक पेंशन एक महत्वपूर्ण साधन है।

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