
कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) हमारे देश में सबसे लोकप्रिय बचत और रिटायरमेंट योजनाओं में से एक है। यह योजना खासतौर पर नौकरीपेशा लोगों के लिए बनाई गई है ताकि वे अपनी कमाई का एक हिस्सा भविष्य के लिए सुरक्षित रख सकें। EPF न केवल रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा देता है बल्कि जरूरत पड़ने पर लोन और आपातकालीन फंड का भी विकल्प बन जाता है।
EPF क्या है?
कर्मचारी भविष्य निधि (Empolyees’ Provident Fund) एक सरकारी योजना है जिसके तहत हर महीने कर्मचारी और नियोक्ता (Employer) दोनों को वेतन का एक निश्चित प्रतिशत जमा करना होता है। यह राशि एक विशेष खाते में जाती है और उस पर ब्याज भी मिलता है। जब कर्मचारी रिटायर होता है, तब वह पूरी जमा राशि ब्याज सहित निकाल सकता है।
EPF कैसे काम करता है?
- कर्मचारी अपने बेसिक सैलरी और डीए (Dearness Allowance) का 12% EPF खाते में जमा करता है।
- नियोक्ता भी बराबर की राशि योगदान करता है, लेकिन उसका पूरा हिस्सा सीधे EPF में नहीं जाता। इसमें से कुछ राशि पेंशन स्कीम (EPS) में भी डाली जाती है।
- हर वित्त वर्ष के लिए सरकार ब्याज दर घोषित करती है। यह ब्याज EPF बैलेंस पर जोड़ा जाता है।
EPF से कर्मचारी को क्या फायदे मिलते हैं?
- सेवानिवृत्ति (Retirement) के बाद सुरक्षित पैसा
- टैक्स बचत की सुविधा (धारा 80C के अंतर्गत)
- घर खरीदने, मेडिकल इमरजेंसी या बच्चों की पढ़ाई के लिए आंशिक निकासी
- कर्मचारी और परिवार के लिए सामाजिक सुरक्षा की गारंटी
EPF खाता कैसे मैनेज करें?
आज के डिजिटल दौर में कर्मचारी अपने EPF खाते की पूरी जानकारी ऑनलाइन निकाल सकते हैं। यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) की मदद से बैलेंस चेक करना, पासबुक डाउनलोड करना और क्लेम करना बेहद आसान हो गया है।